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Sunday, March 31, 2019

Input Devices

कंप्यूटर सिस्टम

कंप्यूटर अपने आसपास के वातावरण से बातचीत करने के लिए कंप्यूटर पेरिफेरल्स या इनपुट आउटपुट डिवाइस का उपयोग करता है। 
कम्प्टूयर पेरिफेरल्स को मोठे तोर पर तीन श्रेणियो इनपुट आउटपुट डिवाइस और इनपुट / आउटपुट डिवाइस में विभाजित किया जा सकता है।

इनपुट डिवाइसेस :-

कंप्यूटर कीबोर्ड सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाले इनपुट डिवाइस में से एक है जिसके द्वारा संख्या अक्षर और विशेष करक्टेर को कपूर में इनपुट किया जाता है।  कीबोर्ड कंप्यूटर को किसी विशेष कार्य आदेशित करने केलिए भी किया जा सकता है।  एक कीबोर्ड में अल्फबेटिक , न्यूमरिक के होती है किसका उपयोग टेक्स्ट एवं न्यूमेरिक डाटा को इनपुट करने के लिए किया जाता है।  कीबोर्ड पर कई तरह की एडिटिंग किज एवं फंक्शन किज होती है जो की सीधे फंक्शन को शुरू करने के लिए इस्तेमाल की जाती है।  कैप्स लॉक , नम लॉक , स्क्रॉल लॉक किज को टॉगल किज कहा जाता है।  जो किसी विशेष फीचर को ऑन ऑफ करने लिए इस्तेमाल होती है।  Ctrl / Alt किज को कॉम्बिनेशन किज भी कहा जाता है क्यों की यह अधिकांश की बोर्ड नम्बर्स इनपुट करने के लिए अलग संख्यात्मक पेड अनुभाग के साथ आते है।
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पॉइंटिंग डिवाइस :-

ग्राफिकल यूजर इंटरफेस , जो की बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जाते है , स्क्रीन पर कर्सर की स्थिति बताने के लिए पॉइंटिंग डिवाइस की आवश्यकता होती है।  पॉइंटिंग डिवाइस निमपरकार से है , जैसे : माउस ट्रैकबॉल , टचपैड , ट्रेक बिंदु , ग्राफिक्स टेबलेट , जॉयस्टिक एवं टच स्क्रीन।  अधिकतर पॉइंटिंग डिवाइस कम्प्टूयर से एक यूएसबी पोर्ट के माध्यम से जुड़े होते है। 

माउस :- माउस सबसे लोकप्रिय पॉइंटिंग डिवाइस है जो यूजर एक हाथ के साथ कार्य को मूव करता है।  पुराने माउस में एक बॉल होती थी।  जो की माउस के निचले भाग की सतह पर होती थी।  उसमे आंतरिक रोलर्स बाल के मूवमेंट को सेन्स करके माउस कोर्ड के माध्यम से कंप्यूटर को संचारित करते थे।  आजकल ऑप्टिकल माउस के प्रचलन है।  जिसमे रोलिंग बॉल का उपयोग नहीं किया जाता है।  बल्कि इसके स्थान पर एक प्रकाश और छोटे सेंसर का उपयोग किया जाता है , जो मेज की सतह के एक छोटे से भाग से माउस की मूवमेंट का  लिए इस्तेमाल होता है।  यह तार रहित या वायरलेस माउस रेडिओ तरंगो के माध्यम से कंप्यूटर के साथ संचार बनाए रखता है

माउस में स्क्रॉल व्हील्स भी हो सकते है जो की जीयूआई के साथ काम करने में सहायक सिद्ध हो सकते है।  पारम्परिक पीसी माउस में दो बटन होते है। जबकि मैकिनटोश माउस में एक ही बटन होता है। 

टचपैड :- आजकल अधिकांश लैपटॉप कम्प्टूयर में एक टच पेड पॉइंटिंग डिवाइस होती है। यूजर टचपैड की सतह पर उंगली को फिरकर या फिसला कर स्क्रीन पर कर्सर को एक जगह से दूसरी जगह पर मूव करते है लेफ्ट एवं राइट क्लिक बटन पर पेड के नीच स्थित होते है।  टचपैड इस्तेमाल करने के लिए माउस की अपेक्षा बहुत काम जगह की जरूरत पड़ती है।  और इनमे कोई मूविंग भाग नहीं होता है। 

ट्रेक पॉइंट :- आईबीएम थिंक पेड जिसमे प्राय:एक ट्रेक पॉइंट होता है जो की एक छोटी रबर प्रोजेक्शन कीबोर्ड के बिच एम्बेडेड होता है।  ट्रेक पॉइंट एक छोटे जॉयस्टिक की तरह कार्य करता है।  इसे कर्सर की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। 

ट्रेक बॉल :- ट्रैकबॉल भी एक माउस की तरह होता है , जिसमे बॉल शीर्ष पर स्थित होता है।  हम ट्रैकबॉल को रोल करने के लिए उंगलियों का उपयोग करते है और आंतरिक रोलर्स इस मूवमेंट को सेन्स करके निर्देशों को कंप्यूटर तक पहुँचाते है।  ट्रैकबॉल डेस्क पर स्थिर बनी रहती है , और इसके वजह से हमे ट्रैकबॉल का उपयोग करने के लिए ज्यादा जगह की जरूरत भी नहीं होती है. आजकल ऐसे ऑप्टिकल ट्रैकबॉल उपलब्ध है जिनमे रोलर्स की जरूरत नहीं होती है , जिससे व्हील्स के गंदे होने की भी कोई समस्या नहीं होती है। 

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जॉयस्टिक्स :- जॉयस्टिक्स और दूसरे गेम नियंत्रक भी पॉइंटिंग डिवाइस के रूप में कंप्यूटर से जोड़े जा सकते है।  वे आमतौर पर खेल के लिए उपयोग किए जाते है।

ग्राफिक्स टैबलेट :- ग्राफिक्स टैबलेट में इलेक्ट्रॉनिक लेखन क्षेत्र होता है जिसमे स्पेशल पेन को यूज किया जाता है।  ग्राफिक्स टैबलेट के द्वारा आर्टिस्ट ग्राफिकल इमेजेज बना सकता है।  ग्राफिक्स टेबलेट का पेन दबाव के प्रति सवेदनशील होता है।  जिसके परिणाम स्वरूप ज्यादा या कम दबाव पड़ने पर वो अलग अल चौड़ाई के ब्रश स्ट्रोक प्रदान करता है। 

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स्कैनर :- एक स्कैनर मुद्रित पृष्ठ या ग्राफिक का डिजिटलीकरण करता है।  उसके छोटे छोटे पिक्सल्स वाली इमेज में परिवर्तित केके कम्प्टूयर को संचारित करता है।  यह लेजर तकनीक उपयोग करके प्रिंटेड इनफार्मेशन को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्मेट में परिवर्तित करता है।  स्केनर किसी भी तरह की इनफार्मेशन को स्कैन कर सकता है जिसे हाथ से लिखा हुआ टेक्स्ट , इमेज , चित्र , प्रिंटेड पेज आदि।  एक बार स्कैन होने के बाद स्केंनड इनफार्मेशन को कम्प्टूयर में स्टोर किया जा सकता है या फिर प्रिंटर के द्वारा प्रिंट किया जा सकता है। 

मिडी ( MIDI ) :- मिडी (म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट डिजिटल इंटरफ़ेस ) - एक प्रणाली है जो इलेक्ट्रॉनिक संगीत वाद्य यंत्र के बिच सुचना प्रसारित करने के लिए डिजाइन किया गया है।  इनके द्वारा मिडी की बोर्ड को कम्प्टूयर से जोड़ा जा सकता है एक कलाकार कम्प्टूयर सिस्टम द्वारा कैप्चर किए गए संगीत को प्ले कर सकता है। 

मैग्नेटिक इंक करैक्टर रेकोग्निशन ( MICR ) :- MICR कोड एक करैक्टर पहचाने की तकनीक है , जो मुख्या रूप से बैंकिंग उधोग द्वारा प्रोसैसिंग को काम करने तथा अन्य दस्तावेज़ों की क्लियरिंग में काम आता है।  यह एमआईसीआर कोड करैक्टर को डिजिटल डाटा में बदल देता है।  जो कंप्यूटर समझ सकता है। 

ऑप्टिकल मार्क रीडर ( OMR ):- यह एक विशेष स्केनर है जो पेन्सिल या पेन द्वारा किए गए निशान के एक पूर्व निर्धारित प्रकार की पहचान करने के लिए उपयोग होता है। शबे आम उदाहरण परीक्षाओ में प्रयोग किए जाने वाली उत्तर पुस्तिका , ओएमआर उत्तर पुस्तिका को स्कैन कर आउटपुट के रूप में परिणाम का उत्पादन करने लिए प्रयोग किया जाता है।  ओएमआर सर्वेक्षण , चुनाव और परीक्षणों में भी प्रयोग किया जाता है। 
माइक्रोफोन :- माइक्रोफोन एक इनपुट डिवाइस है जिसका इस्तेमाल ऑडिओ डेटा को कंप्यूटर में इनपुट के लिए किया जाता है यह एक वायर के द्वारा कंप्यूटर से जुड़ा होता है जिसमे एक माउथपीस जैसी डिवाइस को ऑडिओ करने के लिए उपयोग किया जाता है। 


वेब कैम :- यह कंप्यूटर से जुड़ा डिजिटल कैमरा है और कंप्यूटर के माध्यम से कंप्यूटर नेटवर्क में इमेजेज , वीडियो को कैप्चर करके कंप्यूटर में फीड करने में काम आता है। डिजिटल कैमरा इनपुट वस्तु पर फॉक्स कर के पिक्चर लेता है।  और उसको डिजिटल रूप में परवर्तित करता है।  जिससे उसे कंप्यूटर में स्टोर किया जा सके।  

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